
नई दिल्ली: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में अमेरिका का दौरा किया है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के लिहाज से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी 20 अप्रैल से 23 अप्रैल तक अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर थे।
इस दौरान उन्होंने 23 अप्रैल को पेंटागन में कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया, जहां दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यात्रा का मुख्य फोकस पेंटागन में हुई अहम मुलाकातें रहीं। यहां जनरल द्विवेदी ने अमेरिका के सेना सचिव डेनियल पी ड्रिस्कॉल के साथ बातचीत की।
इस बातचीत में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को विस्तार देने, सैन्य साझेदारी को मजबूत करने और नई संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया गया। इसके अलावा जनरल द्विवेदी ने अमेरिकी सेना के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर लानेव से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, आधुनिक सैन्य क्षमताओं के विकास और भविष्य के संयुक्त अभियानों पर गहराई से विचार-विमर्श किया।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी की अमेरिका यात्रा के दौरान हुई इन मुलाकातों में इस बात पर खास जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। साथ ही इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रभावी तरीके से काम करने की क्षमता को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी है।
जनरल द्विवेदी ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान रक्षा नीति से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने अंडर सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस फॉर पॉलिसी एल्ब्रिज कोल्बी और नेशनल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख जनरल स्टीवन एस नॉर्डहॉस से मुलाकात की। इनके साथ हुई चर्चाओं में रक्षा नीति, रणनीतिक समन्वय और संस्थागत सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर मंथन किया गया। साथ ही भविष्य में दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए क्षेत्रों की भी पहचान की गई।
