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नितिन नबीन ने जब पीएम मोदी से सीखा कार्यकर्ताओं से जुड़ाव और संगठन की जड़ों को मजबूत करने का महत्व

Jan 20, 2026

नई दिल्ली: नितिन नबीन के रूप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है। मंगलवार को भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन को आधिकारिक तौर पर चुना गया। इस अवसर पर एक ‘मोदी स्टोरी’ शेयर की गई है। इसमें नितिन नबीन ने उस पल को याद किया है, जब कार्यकर्ताओं के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर सम्मान भाव देखने को मिला था। ‘मोदी स्टोरी’ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा गया है, “भारतीय जनता पार्टी एक ऐसा संगठन है जो कार्यकर्ता को सबसे आगे रखता है। सामान्य कार्यकर्ताओं को भी देश के नेतृत्व के लिए तैयार करना इसकी संगठनात्मक परंपरा रही है। नितिन नबीन का राष्ट्रीय दायित्व संभालना इसी संस्कार का सशक्त प्रमाण है।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नितिन नबीन का एक वीडियो भी शेयर किया गया है। इसमें नितिन नबीन ने बताया कि नरेंद्र मोदी से उन्होंने कार्यकर्ताओं से जुड़ाव, संवाद बनाए रखने और संगठन की जड़ों को मजबूत करने का महत्व सीखा, जो कार्यकर्ता के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता भारतीय जनता पार्टी की मूल पहचान है। नितिन नबीन ने कहा, “बिहार में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी। उस समय पटना में एक बड़ी रैली का आयोजन हुआ था। भाजपा के सभी बड़े नेता आ रहे थे। हम लोग प्रोटोकॉल के हिसाब से बड़े नेताओं का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे। सभी नेता आ रहे थे और वे अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर तय रूट के हिसाब से निकल रहे थे। जब नरेंद्र मोदी जी आए, तो हम लोगों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने एक सवाल पूछा कि बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता खड़े होंगे। इस पर उन्हें हां में जवाब दिया।” उन्होंने आगे बताया, “उस समय पीएम मोदी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से मिलते हुए वह आगे जाएंगे। वह पैदल हम सभी लोगों के साथ बाहर आए और सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन स्वीकार किया। उन्होंने सभी का अभिवादन भी किया। इसके बाद वह अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से सर्किट हाउस के लिए गए।” नितिन नबीन कहते हैं, “एक छोटा सा स्मरण है, लेकिन किस तरह कार्यकर्ताओं के प्रति उनके अंदर सम्मान देने का भाव था, यह देखने को मिला। वह चाहते तो गाड़ी में बैठकर हाथ हिलाते हुए निकल जाते, तो भी कार्यकर्ता खुश होते, लेकिन वह खुद पैदल चलकर बाहर तक आए और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।”