
महासमुंद: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के हजारों परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के सभी परिवारों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से भी मुक्ति मिले। कभी पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में ही नल के जरिए शुद्ध पानी मिलने से बेहद खुश हैं। सुबह-शाम नियमित रूप से पानी की सप्लाई मिलने से लोगों की परेशानी काफी कम हो गई है और ग्रामीण सरकार को इसके लिए बधाई दे रहे हैं। महासमुंद मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पाली इसका एक अच्छा उदाहरण है। करीब 1,800 आबादी वाले इस गांव में अधिकांश लोग पिछड़ा वर्ग से हैं और उनका मुख्य व्यवसाय खेती-किसानी है। गांव में लगभग 341 परिवार रहते हैं। कुछ साल पहले तक इस गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। ग्रामीणों को पानी लाने के लिए 500 मीटर से लेकर 1 किलोमीटर दूर स्थित कुओं, तालाबों या अन्य जल स्रोतों तक जाना पड़ता था। खासकर महिलाओं को सुबह-शाम कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उनका काफी समय और मेहनत खर्च होती थी। जल जीवन मिशन के तहत जब गांव में करीब 69 लाख रुपए की लागत से पानी की टंकी बनाई गई और 341 परिवारों के घरों में नल कनेक्शन लगाए गए, तो गांव की तस्वीर ही बदल गई। अब ग्रामीणों को घर बैठे ही शुद्ध पेयजल मिल रहा है।
