
नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता सदन जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले इंडिया अलायंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को न तो बहस में रुचि है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति कोई सम्मान है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का आचरण यह दर्शाता है कि उन्हें संविधान और संसद की कार्यवाही के नियमों का भी आदर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एक सदस्य को शून्यकाल में बोलने का समय दिया गया, तब विपक्षी सांसदों ने लगातार व्यवधान उत्पन्न किया।
दरअसल इससे पहले शून्य काल के दौरान भाजपा सांसद डॉ के लक्ष्मण ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी से मुस्लिम समुदाय को बाहर किए जाने का मुद्दा उठाया था। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा था कि ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मिलना चाहिए और इसे धर्म के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के नेता इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन नियम के मुताबिक ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में विपक्ष ने सदन से वॉक आउट किया। वहीं जेपी नड्डा ने कहा कि यह विपक्ष का यह व्यवहार इस बात का संकेत है कि विपक्ष को लोकतांत्रिक और संसदीय प्रक्रियाओं में विश्वास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से बचने का प्रयास कर रहा है।
