• Wed. Apr 29th, 2026

MKN NEWS

NIRBHIK SACH KE SATH SACH KI BAAT

गंगा एक्सप्रेसवे: अदाणी ग्रुप के नेतृत्व वाला नया कॉरिडोर पूर्वी यूपी के विकास को देगा रफ्तार

Apr 29, 2026

हरदोई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जिसे 3.5 साल से भी कम समय में पूरा किया गया है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जोड़ता है। इस परियोजना के तहत कुल मार्ग का 464 किलोमीटर यानी करीब 80 प्रतिशत हिस्सा अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (एआरटीएल) ने विकसित किया है, जो अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की सड़क निर्माण इकाई है।

दशकों से पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी जनसंख्या और आर्थिक क्षमता के बावजूद अपेक्षाकृत पिछड़ा रहा है। अब गंगा एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र के विकास के नए द्वार खोलेगा। बेहतर संपर्क, कम दूरी और राज्य के अन्य विकासशील क्षेत्रों से सीधा जुड़ाव इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। इस परियोजना से मेरठ से प्रयागराज तक का यात्रा समय लगभग 11 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

एक्सप्रेसवे पर आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए इसमें एआई आधारित कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो एडवांस अलर्ट सिस्टम के जरिए दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात को सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे।

शाहजहांपुर जिले में एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबा एक समर्पित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) भी विकसित किया गया है। यह भारतीय वायुसेना के विमानों की आपातकालीन लैंडिंग के लिए तैयार किया गया है, जिससे इस कॉरिडोर की सामरिक क्षमता भी मजबूत होगी।

यह छह लेन का एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इससे बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। आम लोगों को जरूरी सेवाओं तक तेज पहुंच मिलेगी, जबकि कारोबारियों को माल ढुलाई और बाजार तक पहुंच में बड़ा लाभ होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे हर साल 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स बचत करेगा। अगले 10 वर्षों में करीब 3 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा। साथ ही माल ढुलाई की गति बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में इन्वेंट्री लागत कम होगी।

यह मुख्य कॉरिडोर कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के तेज परिवहन को बढ़ावा देगा। किसानों और छोटे कारोबारियों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना है।

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। साथ ही प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से आध्यात्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इस परियोजना से 8 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार एक्सप्रेसवे से जुड़े 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में 11 औद्योगिक कॉरिडोर विकसित कर रही है, जिससे आने वाले समय में लाखों नौकरियां पैदा होंगी।

इसके अलावा धार्मिक पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से गढ़मुक्तेश्वर, कल्किधाम, बेल्हादेवी, चंद्रिका शक्तिपीठ और त्रिवेणी संगम समेत सात प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।