
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को मानेसर में बजट से पहले सलाह-मशविरे के कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप फाउंडर्स और एंटरप्रेन्योर्स से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘नेशनल स्टार्टअप डे’ 16 जनवरी को मनाया गया था, और “आज की प्री-बजट कंसल्टेशन उसी सेलिब्रेशन का अगला कदम है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “स्टार्टअप इंडिया सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘इंद्रधनुषी विजन’ है जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है।” उन्होंने कहा कि एक स्टार्टअप “एक ऐसा आइडिया है जिसे ठोस रूप देने की जरूरत है। यह एक छोटा सा बीज है, जिसे सही समर्थन मिले तो वह एक विशाल पेड़ बन सकता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ सरकार लगातार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “चाहे वह सड़क और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर हो या दूसरे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की एक नई दिशा पकड़ी है, और हर सेक्टर में प्रगति साफ दिख रही है।” स्टार्टअप फाउंडर्स द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस, फंडिंग और टेक्निकल सपोर्ट जैसे मुद्दों पर मिले आइडियाज नोट कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, अगर उसमें दम और विजन है, तो दुनिया बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता।” मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 सालों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गई है। उन्होंने आगे कहा, “इस ग्रोथ में हरियाणा ने, खासकर गुरुग्राम और मानेसर में, अहम भूमिका निभाई है। हरियाणा में अब 9,500 से ज्यादा स्टार्टअप हैं और इस मामले में यह देश में सातवें स्थान पर है। इसके अलावा, हरियाणा से 19 यूनिकॉर्न निकले हैं।”
