
बीजिंग: चीन ने अमेरिका-इजरायल से ईरान के खिलाफ जारी आक्रमण को तुरंत रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई बंद कर शांति बनाए रखने का अनुरोध करता है। इसके साथ ही चीन ने परमाणु संयंत्रों और 133 ऐतिहासिक स्थलों को पहुंचे नुकसान को भी अफसोसनाक बताया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “दुनिया की सांस्कृतिक धरोहर पूरी इंसानियत के लिए एक बेशकीमती संपत्ति है। चीन को इस बात का बहुत अफसोस है कि संघर्ष के दौरान ईरान की सांस्कृतिक निशानियों और स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया।” वहीं चीन ने परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे कदम बेहद खतरनाक हैं। बीजिंग ने कहा कि वह शांति बहाल करने के लिए अपनी ओर से कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा। निंग ने कहा, “चीन अपील करता है कि यूएस-इजरायल तुरंत और पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई बंद करें, तुरंत संवाद शुरू करें, और इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करें जो हम मानते हैं कि कभी नहीं होना चाहिए था।”
ईरान पर यूएस-इजरायल की संयुक्त एयर स्ट्राइक से 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष को 32 दिन हो गए हैं। इस दौरान दोनों ओर से हमले जारी हैं। यूएस-इजरायल की ओर से तेहरान और इस्फाहान पर भारी बमबारी जारी है, तो ईरान अपनी मिसाइलों से इजरायल के शहरों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एयर बेस, प्रतिष्ठानों आदि को निशाना बना रहा है। इस भयावह संघर्ष में ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई समेत कई शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी खो दिए हैं।
