
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र से पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्वदलीय बैठक हुई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि संसद भवन परिसर में हुई बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 सांसदों ने हिस्सा लिया। किरेन रिजिजू ने सभी दलों से बजट सत्र के दौरान सहयोग की अपील की। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कई नेताओं ने सुझाव दिए हैं, जिन्हें हमने नोट किया है। हमने अपील की है कि ये साल का पहला सत्र है। सभी पार्टियां सहयोग करें और सदन को सुचारु रूप से चलाने में योगदान करें।” रिजिजू ने आगे कहा, “बैठक में अलग-अलग मुद्दों पर विचार रखे गए हैं। हमने कहा कि संसद में हर विषय पर नियम के मुताबिक ही चर्चा होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उसमें सांसद अपने बहुत सारे मुद्दे रख सकते हैं। आम बजट पर चर्चा के दौरान भी अपने विषय रखने के लिए सभी सांसद स्वतंत्र हैं।” उन्होंने कहा कि बैठक में 39 दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी पार्टियों की तरफ से बात रखी है। संसद सत्र को लेकर किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी। बुधवार को सुबह 11 बजे संयुक्त सत्र तय किया गया है। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 1 फरवरी को बजट पेश होगा। उन्होंने जानकारी दी कि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा। उस पर चर्चा होगी। फिर बजट पर सदन में चर्चा होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किरेन रिजिजू ने सांसदों से दोबारा अपील करते हुए कहा, “हमारे देश का लोकतंत्र दुनिया में सबसे बड़ा है। संसदीय परंपरा को स्थापित करते जिस तरह हम पूरी दुनिया को दिखाते आए हैं, उसे बनाए रखें। लोकतंत्र में लोगों ने हमें चुनकर संसद सदस्य बनाया है, इसलिए हंगामा न हो और नियम के तहत चर्चा की जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र के हिसाब से एक-दूसरे की बात को सुना जाए। जितनी बोलने की सभी सदस्यों को आजादी है, उतना ही संसद में अन्य सदस्यों को सुनने का धैर्य रखा जाए।
