
गांधीनगर: उत्तराखंड के बाद गुजरात दूसरा राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल पास किया गया है। इस बिल के पास होने के बाद राज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने बुधवार को कहा कि यह कदम अलग-अलग समुदायों के निजी मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनाने की दिशा में अहम है। मंगलवार शाम को विधानसभा में बिल पास होने के बाद जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लाया गया यह कानून ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ के सिद्धांत को मजबूत करता है।
उन्होंने बताया कि यूसीसी लागू होने से शादी, विरासत, उत्तराधिकार, गोद लेना, तलाक, संपत्ति के अधिकार और अभिभावकता जैसे मामलों में सभी समुदायों के लिए एक जैसे कानून लागू होंगे। अभी इन मामलों में धर्म, जाति और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग नियम चलते हैं, जिससे कई बार असमानता पैदा होती है। यूसीसी के आने से इन अंतर को खत्म करने में मदद मिलेगी। जगदीश विश्वकर्मा ने इस फैसले को खास तौर पर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि एक समान कानून लागू होने से महिलाओं को ज्यादा अधिकार और सुरक्षा मिलेगी, जो अब तक अलग-अलग कानूनों के कारण प्रभावित होती रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही सोच और प्रयासों का नतीजा है। इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयास शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस कानून से समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा।
