
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के पांचवें सप्ताह में पहुंचने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.2 प्रतिशत और चांदी 3.8 प्रतिशत तक गिर गई। वहीं देश में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से 50 हजार रुपए से नीचे है, जबकि चांदी अपने उच्चतम स्तर से 2 लाख रुपए से नीचे है।
हाल के दिनों में सोने में हल्की तेजी जरूर देखने को मिली है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में दबाव साफ नजर आ रहा है। इसके पीछे मजबूत डॉलर, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
वहीं अगर चांदी की बात करें तो एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाली चांदी अंतिम कारोबारी दिन (2 अप्रैल) 4.48 प्रतिशत यानी 10,901 रुपए गिरकर 2,32,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जो अपने ऑल-टाइम हाई 4,39,337 रुपए प्रति किलोग्राम से 2,06,737 कम है।
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, और सोने की कीमतों में आगे भी घटनाओं के आधार पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों जैसे महंगाई, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर निर्भर है। आने वाले समय में इन कारकों के आधार पर ही सोने-चांदी की दिशा तय होगी और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
