
वाशिंगटन: ईरान के साथ-साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति शृंखलाएं दबाव में आ रही हैं। तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्गों में से एक पर व्यवधान की आशंकाएं बढ़ रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा न खोलने पर ईरानी ऊर्जा केंद्रों पर हमले की धमकी के बाद रविवार को तेल की कीमतों में तेजी आई।”
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ब्रेंट क्रूड 1.4 प्रतिशत बढ़कर 110.60 डॉलर हो गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 1.8 प्रतिशत बढ़कर 113.60 डॉलर हो गया है।
ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार की व्यवधान का बाजारों पर तत्काल प्रभाव पड़ता है।
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हर साल इस स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जिससे यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील चोकपॉइंट्स में से एक बन गया है।
मौजूदा गतिरोध ने पहले ही जहाजरानी प्रवाह को बाधित करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा, “ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने से टैंकरों का आवागमन 90 प्रतिशत से अधिक कम हो गया है और अब यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन गया है। इसका प्रभाव केवल ऊर्जा बाजारों तक ही सीमित नहीं है। समुद्री व्यापार में व्यवधान से खाद्य और उर्वरक आपूर्ति शृंखलाएं भी प्रभावित हो रही हैं।”
इस संकट ने ऊर्जा उत्पादकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी चेतावनी जारी कर दी है। लंबे समय तक आपूर्ति में व्यवधान की संभावना है।
