
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शनिवार को उन खबरों और सोशल मीडिया दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण ईरान का कच्चा तेल भारत के वाडिनार से चीन भेज दिया गया। सरकार ने इन दावों को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ और भ्रामक बताया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आई रिपोर्ट्स, जिनमें कहा गया कि भारत को भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण ईरान से आने वाले तेल की एक खेप को नुकसान हुआ, पूरी तरह गलत हैं।
सरकार ने कहा कि भारत 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल आयात करता है और तेल कंपनियों को अपने व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार किसी भी सप्लायर से तेल खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होती है। मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईरानी कच्चे तेल के एक कार्गो को भारत के वाडिनार बंदरगाह से ‘भुगतान संबंधी समस्याओं’ के कारण चीन की ओर मोड़े जाने की खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत हैं।” पोस्ट में आगे कहा गया है, “भारत 40 से अधिक देशों से कच्चे तेल का आयात करता है, जिसमें कंपनियों को व्यावसायिक विचारों के आधार पर विभिन्न स्रोतों और भौगोलिक क्षेत्रों से तेल प्राप्त करने की पूरी छूट है।”
