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भारत-अमेरिका वार्ता में व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा मामलों को अहम स्थान

Apr 9, 2026

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने व्यापार, रक्षा और जरूरी तकनीक के मामले में बातचीत बढ़ाई है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान वॉशिंगटन में कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

यह बातचीत पेंटागन और भारत के वाणिज्य विभाग के बीच हुई। इसके साथ ही व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने वाली पहल पर भी चर्चा की गई।

भारत के विदेश सचिव मिस्री और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने मिलकर भारत-अमेरिकी व्यापार फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को अनलॉक करने की दिशा में एक और कदम बताया।

इस पोर्टल का मकसद मिशन 500 का समर्थन करना है, जिसमें एक्सपोर्टर्स के लिए रजिस्ट्रेशन अब खुले हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मकसद मार्केट एक्सेस को आसान बनाना और कमर्शियल लिंकेज को गहरा करना है।

पेंटागन में, मिस्री अमेरिकी युद्ध विभाग में अधिग्रहण और सस्टेनमेंट के अवर सचिव माइक डफी के साथ बातचीत की। भारतीय दूतावास ने कहा, “दोनों पक्षों ने पिछले साल हस्ताक्षर किए गए द्विपक्षीय मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क में तय बड़े लक्ष्यों के हिसाब से, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा उद्योग, तकनीक और सप्लाई चेन लिंकेज को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।”

उन्होंने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में ताजा गतिविधियों को लेकर गहरी बातचीत के लिए युद्ध नीति उप सचिव एलब्रिज कोल्बी से भी मुलाकात की। यह मीटिंग नई दिल्ली में उनकी हालिया बातचीत के बाद हुई।

रक्षा संबधित बातचीत में दोनों देशों के बीच ओद्योगिक सहयोग, तकनीकी ट्रांसफर और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन पर बढ़ते फोकस पर जोर दिया गया।

वाणिज्य विभाग में मिस्री ने कमर्शियल और जरूरी तकनीक में सहयोग बढ़ाने के लिए अवर सचिव जेफरी केसलर और विलियम किमिट से मुलाकात की। दूतावास ने कहा, “उन्होंने मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर भी चर्चा की।”

भारत और अमेरिका ने हाल के सालों में एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग बढ़ाया है। इसमें रक्षा, तकनीक और सप्लाई चेन प्रमुख स्तंभों के रूप में उभरे हैं।

द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ी है और दोनों पक्ष इसे और बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं। नए ट्रेड पोर्टल जैसी पहलों से एक्सपोर्ट को मदद मिलने और आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की उम्मीद है।