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मैक्रों ने लेबनान में इजरायल के हमलों की आलोचना की, सभी देशों से शांति बनाए रखने पर दिया जोर

Apr 9, 2026

पेरिस: ईरान और अमेरिका के बीच एक महीने से ज्यादा समय तक भीषण संघर्ष चलने के बाद दोनों पक्षों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर हुई। सीजफायर के बाद ही इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इजरायल के हमले की कड़ी आलोचना की है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की और इन जानलेवा हमलों के सामने फ्रांस की पूरी एकजुटता दिखाई। इजरायल ने कहा कि इन हमलों में ईरान के समर्थन वाले मिलिटेंट समूह हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और मिलिट्री साइट्स को टारगेट किया गया।

लेबनानी पीएम और राष्ट्रपति से बातचीत के बाद फ्रांस के प्रेसिडेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं। लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए।”

इसके साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की। एक्स पर उन्होंने कहा, “मैंने उन दोनों से कहा कि सीजफायर मानने का उनका फैसला सबसे अच्छा था। मैंने उम्मीद जताई कि लेबनान समेत टकराव के सभी इलाकों में, हर लड़ने वाला सीजफायर का पूरी तरह से सम्मान करेगा। सीजफायर के भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने के लिए यह एक जरूरी शर्त है।”

उन्होंने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट में सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने लायक पूरी बातचीत का रास्ता खोलना होगा। किसी भी समझौते में ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से उठी चिंताओं के साथ-साथ उसकी क्षेत्रीय नीति और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन में रुकावट डालने वाले उसके कामों पर भी ध्यान देना होगा।

मैक्रों ने सबके समर्थन और योगदान से मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली शांति बनाए रखने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया कि फ्रांस मिडिल ईस्ट में अपने साझेदारों के साथ मिलकर अपनी पूरी भूमिका निभाएगा। फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने कतर, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान और इराक के नेताओं के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत की।