
नई दिल्ली: लगभग दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले नीतीश कुमार ने शुक्रवार दोपहर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ दिलाई।
इस मौके पर राज्यसभा में नेता सदन व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, कांग्रेस के जयराम रमेश, जेडीयू व भाजपा नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार के इस शपथग्रहण के साथ ही बिहार की सियासत में भी एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है। गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद के सदस्य थे, लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
नीतीश कुमार बीते मार्च महीने में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे। वह लगभग दो दशक तक बिहार में सत्ता के केंद्र में रहे। इसके अलावा वह जनता दल यूनाइटेड के मुखिया भी हैं। राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के साथ ही नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू की है। नीतीश कुमार ने शुक्रवार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर हिंदी में राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही अब वह वह केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे।
माना जा रहा है कि नीतीश दिल्ली आने के बाद अब जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। नीतीश कुमार द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के उपरांत राज्य में नए नई सरकार का गठन किया जाएगा। दरअसल मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफा देने पर राज्य की कैबिनेट भी भंग हो जाएगी। इसके बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ साथ मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण होगा।
