
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। इससे चल रही महाभियोग कार्यवाही के बीच उनके कार्यकाल का अचानक अंत हो गया है।
अपने पत्र में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा, “मैं आपके इस गरिमामय पद पर उन कारणों का बोझ नहीं डालना चाहता, जिन्होंने मुझे यह पत्र लिखने के लिए बाध्य किया,” और यह भी जोड़ा कि गहरे दुख के साथ वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
पत्र में लिखा है, “इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।” इस्तीफे की एक प्रति भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को भी भेजी गई है।
न्यायमूर्ति वर्मा 14 मार्च 2025 को कथित तौर पर उनके दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यकाल के दौरान आवंटित सरकारी आवास के परिसर में स्थित एक आउटहाउस में जली हुई नकदी मिलने के बाद से विवादों के केंद्र में रहे हैं।
