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अवैध रूप से रह रहे लोग वापस जाएंगे, बांग्लादेश सरकार से सहयोग की उम्मीद: विदेश मंत्रालय

May 7, 2026
New Delhi: Ministry of External Affairs (MEA) Spokesperson and Additional Secretary Randhir Jaiswal during an inter-ministerial briefing on recent developments in West Asia at the National Media Centre in New Delhi on Tuesday, April 21, 2026. (Photo: IANS/PIB)

नई दिल्ली: भारत ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी, सिंधू जल संधि (आईडब्ल्यूटी) और आतंकवाद के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराया है। सरकार ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों को कानून और द्विपक्षीय समझौतों के तहत वापस भेजा जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में देश से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार की राय रखी।

बंगाल में भाजपा की बंपर जीत के बाद बांग्लादेश के दो मंत्रियों की टिप्पणियां चर्चा में हैं, जिसमें अवैध प्रवासियों को वापस सीमा पार भेजने की आशंका है, तो उम्मीद है कि भारत ऐसा नहीं करेगा। बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने पुशबैक की आशंका जताई, तो विदेश मंत्री खलीलपुर रहमान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर जबरन लोगों को हमारी ओर भेजा जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी।

इन्हीं टिप्पणियों को लेकर पूछे सवाल पर जायसवाल ने भारत की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “ऐसी टिप्पणियों को एक बैकग्राउंड के रूप में समझने की जरूरत है। मुख्य मुद्दा अवैध लोगों को यहां से वापसी का है। जाहिर है, इसके लिए बांग्लादेश के सहयोग की जरूरत है। बांग्लादेश के पास नागरिकता सत्यापन के 2,860 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं, और इनमें से कई मामले पांच साल से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। हमारी नीति है कि जो भी अवैध तरीके से रह रहे हैं, उन्हें यहां से जाना पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश राष्ट्रीय सत्यापन करेगा ताकि अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजा जा सके।”

वहीं, आईडब्ल्यूटी यानी सिंधु जल संधि को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा, “सिंधु जल संधि पर हमारा रुख हमेशा एक जैसा रहा है। पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने के जवाब में आईडब्ल्यूटी को फिलहाल रोक दिया गया है। पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन पूरी तरह और हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए।”

जायसवाल ने यह भी कहा कि आतंकवाद लंबे समय से पाकिस्तान की राज्य नीति का हिस्सा रहा है और भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है। 7 मई की देर रात भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था; उसकी पहली वर्षगांठ पर सरकार ने कहा कि पूरी दुनिया ने पहलगाम आतंकी हमले की गंभीरता को देखा था और भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का करारा जवाब दिया था।

उन्होंने कहा, “देश वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए लगातार काम करता रहेगा। हमारा मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकती है।”