
पटना: बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के बिहार बजट सत्र में शामिल न होने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता लगातार सदन से अनुपस्थित रहे हैं, यहां तक कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण सत्र में भी नजर नहीं आए। सरावगी ने कहा, “विपक्ष के नेता लगातार गैरहाजिर रहे हैं। ऐसा लगता है कि उनकी रुचि खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीखें चुनाव परिणाम आने से पहले ही तय हो गई थीं। सरकार बनने के बाद पहले सत्र में भी विपक्ष के नेता अनुपस्थित रहे।” उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं बताया। इसके साथ ही संजय सरावगी ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित और रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया ‘वंदे मातरम’ 150 वर्ष पूरे कर चुका है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत देशभर के सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत का सम्मान किया जाना और उसे गाया जाना अनिवार्य है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी सदस्यों ने ‘वंदे मातरम’ के लिए खड़े होने का भी विरोध किया है। लोकसभा में हो रहे हंगामे को लेकर भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस हर स्तर पर विफल रही है और आम जनता की कोई चिंता नहीं दिखती। लोकसभा में जिस तरह का अव्यवस्था का माहौल बन रहा है, वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।” सरावगी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने स्पीकर के कक्ष और प्रधानमंत्री की सीट के आसपास भी हंगामा किया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कमजोर करता है।
