
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ बस डिपो से 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही 2023 से बंद पड़ा ईवी प्रोत्साहन पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल राजधानी की रफ्तार को नई दिशा देगी और यात्रियों के लिए सफर को अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को पूरी तरह उत्सर्जन-मुक्त बनाना है। इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में तेजी से वृद्धि की जा रही है। नई ईवी बसों के शामिल होने से दिल्ली के लोगों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा सुविधा मिलेगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में 2000 से अधिक ईवी बसों को दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया जा चुका है, जिससे दिल्ली देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो गई है जहां सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। नई बसों के जुड़ने से राजधानी में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, खासकर उन इलाकों में जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शहर के हर कोने तक आधुनिक और स्वच्छ परिवहन सुविधा पहुंचाई जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले समय में शहर के हर इलाके में आधुनिक और स्वच्छ परिवहन सुविधा उपलब्ध हो। इस मौके पर नानकसर से गाजियाबाद के बीच नई अंतरराज्यीय बस सेवा की भी शुरुआत की गई, जिससे दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा डीटीसी के नए कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया गया, जो परिवहन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने में सहायक होगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 से बंद पड़ा ईवी प्रोत्साहन पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके तहत 12,877 लाभार्थियों को लगभग 24 करोड़ रुपए की लंबित सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई है।
