
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि राजधानी के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के एकीकरण से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा को भी बड़ा लाभ मिलेगा और एमबीबीएस तथा पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। दिल्ली सरकार गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी), दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआई) और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) को एकीकृत कर एम्स मॉडल की तर्ज पर एक स्वायत्त संस्थान विकसित करने जा रही है। साथ ही, इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान-2 (निमहंस-2) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों में बड़े स्तर पर वृद्धि करना है ताकि अधिक से अधिक डॉक्टरों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मजबूत किया जा सके। इसके तहत राजीव गांधी अस्पताल, दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट और जीटीबी अस्पताल में चल रहे समान विषयों और विभागों को एकीकृत किया जाएगा।
