
पंचकूला: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती को किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला विकास मॉडल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की शुरुआत की थी और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब दो लाख किसानों ने तीन लाख एकड़ भूमि का पंजीकरण प्राकृतिक खेती के लिए कराया है। वहीं वर्ष 2025-26 में 20 हजार 727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, पर्यावरण को लाभ मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ खेती का आधार तैयार होगा। सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
