
रायपुर: छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने शिक्षकों की लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने पर 15 जुलाई को विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है। फेडरेशन का कहना है कि सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह निर्णय संगठन की करीब चार घंटे चली मैराथन बैठक के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से सरकार को चुनाव से पहले शिक्षकों से किए गए वादों की याद दिलाई जाएगी और उनकी जायज मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। रविंद्र राठौर ने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र “मोदी की गारंटी” में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। फेडरेशन ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के मुद्दे को भी उठाया।
